हमास संगठन के भीतर बड़े नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज हो गई है गाजा में हमास के शीर्ष नेता याह्या सिनवार के बाद अब यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि संगठन की कमान आगे कौन संभालेगा हमास के अंदरूनी चुनाव जल्द कराए जा सकते हैं, जिनके जरिए नए चीफ का चयन होगा इस रेस में सबसे मजबूत नाम खालिद मशाल का माना जा रहा है, जो पहले भी हमास के प्रमुख रह चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठन का चेहरा रहे हैंयाह्या सिनवार के नेतृत्व में हमास ने गाजा में अपनी पकड़ मजबूत की, लेकिन हालिया घटनाक्रम और क्षेत्रीय हालात को देखते हुए संगठन के भीतर नए नेतृत्व की जरूरत पर चर्चा तेज हो गई है माना जा रहा है कि हमास अब ऐसा नेता चाहता है, जो एक तरफ जमीनी संगठन को संभाल सके और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय दबावों और कूटनीतिक मोर्चे पर भी संतुलन बना सके,खालिद मशाल क्यों हैं सबसे आगे :-खालिद मशाल का नाम इसलिए सबसे आगे चल रहा है क्योंकि वह हमास के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं

उन्होंने लंबे समय तक संगठन के राजनीतिक ब्यूरो का नेतृत्व किया है और मध्य पूर्व की राजनीति में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है मशाल वर्षों तक कतर और अन्य देशों में रहकर हमास के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की भूमिका निभाते रहे हैंखालिद मशाल का नाम उस घटना के कारण भी चर्चा में रहता है, जब 1997 में इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद ने जॉर्डन में उन्हें जहर देकर मारने की कोशिश की थी हालांकि, उस वक्त अंतरराष्ट्रीय दबाव और जॉर्डन सरकार के हस्तक्षेप के बाद इजराइल को खुद एंटी-डोट देना पड़ा, जिससे मशाल की जान बच गई यह घटना आज भी मध्य पूर्व की राजनीति की सबसे चर्चित घटनाओं में गिनी जाती है हमास के अंदरूनी ढांचे के अनुसार, संगठन के प्रमुख का चयन सीधे आम चुनाव की तरह नहीं होता, बल्कि संगठन की शूरा परिषद और वरिष्ठ नेताओं के बीच सहमति से किया जाता है आने वाले हफ्तों में इस प्रक्रिया को औपचारिक रूप दिया जा सकता है हालांकि, सुरक्षा कारणों से इसकी तारीख और स्थान को गोपनीय रखा जाएगागाजा और बाहर के नेताओं में संतुलनहमास के सामने एक बड़ी चुनौती यह भी है कि नया चीफ गाजा में मौजूद नेताओं और विदेश में रह रहे राजनीतिक नेतृत्व के बीच संतुलन कैसे बनाए। याह्या सिनवार गाजा के जमीनी नेता माने जाते थे,

जबकि खालिद मशाल को अंतरराष्ट्रीय और राजनीतिक रणनीति का माहिर समझा जाता है ऐसे में संगठन के भीतर यह बहस भी चल रही है कि अगला नेता सैन्य पृष्ठभूमि वाला हो या राजनीतिक अनुभव रखने वालाइजराइल की नजर और क्षेत्रीय असरहमास के नेतृत्व परिवर्तन पर इजराइल की भी करीबी नजर है इजराइली सुरक्षा एजेंसियां इस बात का आकलन कर रही हैं कि नया हमास चीफ कितना सख्त या लचीला रुख अपनाएगा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर खालिद मशाल संगठन की कमान संभालते हैं, तो हमास की रणनीति में कुछ हद तक राजनीतिक और कूटनीतिक पहलू मजबूत हो सकता है, हालांकि टकराव की आशंका पूरी तरह खत्म नहीं होगी फिलहाल हमास की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी नाम की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अंदरूनी संकेत साफ हैं कि नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो चुकी है आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि याह्या सिनवार के बाद हमास की कमान किसके हाथों में जाती है और इसका असर गाजा, इजराइल और पूरे पश्चिम एशिया की राजनीति पर क्या पड़ेगा
