कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर को लेकर पिछले कुछ दिनों से सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म था कयास लगाए जा रहे थे कि क्या शशि थरूर कांग्रेस से दूरी बना सकते हैं या फिर कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लेने वाले हैं इन अटकलों को उस वक्त और हवा मिली जब उनकी राहुल गांधी से मुलाकात की खबर सामने आई। लेकिन अब इस बैठक के बाद शशि थरूर ने खुद सामने आकर इन तमाम अटकलों पर खुलकर अपनी बात रखी हैशशि थरूर कांग्रेस छोड़ने को लेकर जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह बेबुनियाद हैं राहुल गांधी से मुलाकात सामान्य राजनीतिक संवाद का हिस्सा थी और इसमें किसी तरह की टूट या मतभेद जैसी कोई बात नहीं है। थरूर के मुताबिक, पार्टी के भीतर संवाद और चर्चा लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे गलत अर्थों में नहीं देखा जाना चाहिएदरअसल, शशि थरूर लंबे समय से कांग्रेस में आंतरिक सुधार, संगठन को मजबूत करने और पार्टी के भविष्य को लेकर खुलकर राय रखते रहे हैं यही वजह है कि कई बार उनके बयान और विचारों को असंतोष या नाराजगी के रूप में पेश किया जाता है हाल के दिनों में भी कुछ बयानों के बाद यह चर्चा शुरू हो गई थी कि क्या वे पार्टी नेतृत्व से खुश नहीं हैं।

राहुल गांधी से उनकी मुलाकात के बाद इन अटकलों ने और जोर पकड़ लियाहालांकि, थरूर ने यह साफ किया कि उनकी प्रतिबद्धता कांग्रेस के मूल्यों और विचारधारा के साथ है उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर अलग-अलग राय होना कमजोरी नहीं, बल्कि मजबूती है उनका मानना है कि कांग्रेस जैसी बड़ी और पुरानी पार्टी में खुला संवाद जरूरी है ताकि बदलते राजनीतिक हालात में पार्टी खुद को मजबूत कर सकेराहुल गांधी से हुई मुलाकात को लेकर भी शशि थरूर ने सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण रही और इसमें संगठन, चुनावी रणनीति और पार्टी के भविष्य जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थरूर के अनुसार, इस मुलाकात को किसी तरह के राजनीतिक संकट या पार्टी छोड़ने की तैयारी से जोड़ना पूरी तरह गलत हैकांग्रेस के भीतर भी कई नेताओं का मानना है कि शशि थरूर पार्टी की एक अहम आवाज हैं और उनकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं के बीच बातचीत चलती रहना स्वाभाविक है,

खासकर ऐसे समय में जब कांग्रेस खुद को नए सिरे से खड़ा करने की कोशिश कर रही हैराजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शशि थरूर जैसे नेता की अलग पहचान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी छवि उन्हें चर्चा में बनाए रखती है ऐसे में हर मुलाकात और हर बयान को राजनीतिक चश्मे से देखा जाता है लेकिन मौजूदा बयान के बाद यह साफ होता है कि फिलहाल कांग्रेस छोड़ने जैसी किसी संभावना पर विराम लग गया है राहुल गांधी से मुलाकात के बाद शशि थरूर का यह स्पष्ट संदेश सामने आया है कि वे कांग्रेस में हैं और पार्टी के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहते हैं उन्होंने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि राजनीति में संवाद को हमेशा सकारात्मक रूप में देखा जाना चाहिए, न कि साजिश या टूट के संकेत के तौर पर
