छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तारीख तय नहीं होने और मनरेगा एक्ट में कथित बदलावों के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को राज्यव्यापी प्रदर्शन किया राजधानी रायपुर की चारों विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की वहीं बिलासपुर–जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना देकर आवागमन बाधित कर दिया, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ाकांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार किसानों और ग्रामीण मजदूरों के हितों की अनदेखी कर रही है धान खरीदी की तारीख को लेकर सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है, जिससे किसान असमंजस में हैं वहीं मनरेगा एक्ट में नियमों को सख्त किए जाने और मजदूरों को समय पर काम व भुगतान नहीं मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही हैराजधानी रायपुर के धरसींवा, रायपुर ग्रामीण, रायपुर पश्चिम और रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ने प्रमुख चौक-चौराहों पर सड़क जाम कर दिया प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार किसानों को उनके हाल पर छोड़ चुकी है धान खरीदी की देरी से किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, जबकि मनरेगा के तहत रोजगार के अवसर लगातार कम किए जा रहे हैं बिलासपुर–जगदलपुर हाईवे पर हुए धरने के कारण कई घंटों तक यातायात बाधित रहा।

लंबी दूरी के वाहन, बसें और एंबुलेंस तक फंसी रहीं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए और चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गईकांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा गरीबों के लिए जीवन रेखा है, लेकिन मौजूदा सरकार इसे कमजोर करने पर तुली हुई है मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल रही, जॉब कार्ड होने के बावजूद काम नहीं दिया जा रहा और ऑनलाइन प्रक्रियाओं के नाम पर ग्रामीणों को परेशान किया जा रहा है कांग्रेस का दावा है कि सरकार की नीतियों से सबसे ज्यादा नुकसान किसान और मजदूर वर्ग को हो रहा है प्रदर्शन के दौरान कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता, विधायक और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे नेताओं ने मंच से सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा चुनाव के समय किए गए वादों को भूल चुकी है

धान खरीदी को लेकर किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं हो रहे हैं और मनरेगा में कटौती कर गरीबों की रोजी-रोटी छीनी जा रही है वहीं प्रशासन की ओर से कहा गया कि प्रदर्शन के चलते कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर सड़क से हटाया गया, हालांकि कई इलाकों में जाम की स्थिति लंबे समय तक बनी रहीकांग्रेस ने साफ किया है कि यह आंदोलन सिर्फ शुरुआत है। यदि सरकार ने जल्द धान खरीदी की तारीख घोषित नहीं की और मनरेगा से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं किया, प्रदेशभर में बड़े आंदोलन किए जाएंगे फिलहाल इस प्रदर्शन ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट बढ़ा दी है और आने वाले समय में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं
