संसद के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में सियासी माहौल उस वक्त और गरमा गया, जब विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया। इस नोटिस पर कुल 118 सांसदों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सदन की कार्यवाही के संचालन में निष्पक्षता नहीं बरती जा रही है और सरकार के पक्ष में नियमों की अनदेखी की जा रही हैअविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश होने के साथ ही लोकसभा में हंगामा तेज हो गया। विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी पहले स्थगन के बाद जब सदन दोबारा शुरू हुआ, तब भी माहौल शांत नहीं हुआ और फिर से कार्यवाही को कुछ समय के लिए रोकना पड़ाकरीब दो बार के स्थगन के बाद लोकसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से शुरू हो सकी और इसके बाद बजट पर चर्चा की शुरुआत की गई।

हालांकि, विपक्षी सांसदों ने साफ कर दिया कि वे स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दे पर पीछे हटने वाले नहीं हैं और इस पर विस्तृत चर्चा की मांग करते रहेंगेविपक्ष का कहना है कि लोकसभा स्पीकर का पद संविधान के तहत निष्पक्ष माना जाता है, लेकिन हाल के दिनों में स्पीकर की भूमिका पर सवाल खड़े हुए हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि उन्हें सदन में बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा, जबकि सत्तापक्ष के सदस्यों को बार-बार नियमों में छूट दी जा रही हैइस पूरे घटनाक्रम पर सरकार की ओर से पलटवार भी किया गया संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बजट जैसे अहम मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है सरकार का कहना है कि बजट पर चर्चा देश की जनता से जुड़ा गंभीर विषय है और इसमें किसी भी तरह की रुकावट ठीक नहीं हैसरकार की दलीलों के बीच विपक्षी नेताओं ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाना उनका संवैधानिक अधिकार है उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक स्पीकर की भूमिका पर चर्चा नहीं होगी,

तब तक सदन का माहौल सामान्य नहीं हो सकता। विपक्ष ने स्पीकर पर सत्ता पक्ष के दबाव में काम करने का आरोप दोहरायादोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और हंगामे के बीच आखिरकार लोकसभा में बजट पर चर्चा शुरू कर दी गई। वित्तीय वर्ष से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा के दौरान भी विपक्षी सांसद समय-समय पर अपनी नाराजगी जताते नजर आए इसके बावजूद स्पीकर ने सदन को सुचारू रूप से चलाने की अपील की और सभी सदस्यों से नियमों का पालन करने को कहाराजनीतिक जानकारों का मानना है कि स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया जाना एक असामान्य कदम है और इससे संसद की कार्यवाही पर दूरगामी असर पड़ सकता है आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या इस प्रस्ताव को स्वीकार किया जाता है या नहीं और इस मुद्दे पर आगे की कार्यवाही किस दिशा में जाती है फिलहाल, बजट सत्र के दौरान संसद का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और सरकार व विपक्ष के बीच टकराव लगातार तेज होता नजर आ रहा है
