नई दिल्ली , रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चार साल के बाद आज भारत पहुंचे है जहां उनका स्वागत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं किया है पुतिन का यह दौरा दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने के उद्देश्य से है इस यात्रा के दौरान पुतिन और पीएम मोदी के बीच कई अहम बैठकें होने की उम्मीद है,

जिनमें द्विपक्षीय व्यापार, रक्षा, और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की जाएगी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब वैश्विक राजनीति में कई बदलाव हो रहे हैं पुतिन और मोदी के बीच यह मुलाकात ऐसे दौर में हो रही है, जब रूस और भारत दोनों ही पश्चिमी देशों के दबाव का सामना कर रहे हैं और ऐसे में दोनों देशों के संबंधों की रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है

राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच एक विशेष डिनर भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें दोनों नेता केवल द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे, बल्कि आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए नए रास्ते भी तलाशेंगे यह डिनर भारत-रूस के मजबूत रिश्तों का प्रतीक होगा, जिसमें व्यापार, रक्षा, और अन्य क्षेत्रों में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं इस दौरे को भारतीय विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है,

क्योंकि यह भारत और रूस के बीच 70 साल पुरानी दोस्ती और साझेदारी को नई दिशा देने का संकेत है पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के रिश्ते कई बार मजबूत हुए हैं, और अब यह यात्रा दोनों देशों के बीच के ऐतिहासिक रिश्तों को और अधिक प्रगाढ़ करने का अवसर प्रदान करेगी इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के नेतृत्व के बीच होने वाली बातचीत से न सिर्फ भारत और रूस के रिश्तों को बल मिलेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़े और नए अवसरों का लाभ लिया जा सके।
रिपोर्ट
अमित कुमार
