तेहरान ,नई दिल्ली , ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों ने अब गंभीर मानवीय संकट का रूप ले लिया है। राजधानी तेहरान समेत कई प्रमुख शहरों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं हाल की घटनाओं में हिंसा, मौतों और सख्त सरकारी कार्रवाई के बाद भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह जारी की है भारतीय दूतावास ने साफ कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में वहां रहना असुरक्षित हो सकता है तेहरान में आज एक साथ करीब 300 शवों के सामूहिक दफन की तैयारी की जा रही है।

यह दृश्य अपने आप में हालात की भयावहता को दर्शाता है बीते कुछ दिनों से सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें तेज होती जा रही हैं कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात हैं, जबकि इंटरनेट और संचार सेवाओं पर भी सख्ती बरती जा रही हैप्रदर्शन मुख्य रूप से सरकार विरोधी नीतियों, आर्थिक संकट और नागरिक अधिकारों को लेकर हो रहे हैं शुरुआत में शांतिपूर्ण रहे ये आंदोलन अब हिंसक हो चुके हैं चश्मदीदों के अनुसार, सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई के चलते बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं, जबकि हजारों को हिरासत में लिया गया है कई परिवारों को अब भी अपने परिजनों की कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है इसी बीच ईरानी प्रशासन ने एक प्रदर्शनकारी को सरेआम फांसी देने का ऐलान किया है

आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने हिंसा भड़काने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में भूमिका निभाई इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है मानवाधिकार संगठनों ने इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला बताते हुए कड़ी निंदा की हैभारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान में मौजूद भारतीय छात्र, कारोबारी और अन्य नागरिक उपलब्ध साधनों से जल्द से जल्द वापस लौटें भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और नागरिकों से कहा है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें भीड़भाड़ वाले इलाकों में न जाएं और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करेंदूतावास ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल ईरान की यात्रा करने की योजना बना रहे लोग अपने कार्यक्रम स्थगित करें सुरक्षा हालात में सुधार होने तक नए निर्देश जारी किए जा सकते हैं कई भारतीय परिवार अपने परिजनों की सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित हैं और लगातार सरकार से संपर्क कर रहे हैं

ईरान में बढ़ती अस्थिरता का असर क्षेत्रीय राजनीति पर भी पड़ता दिख रहा है पश्चिम एशिया के कई देश हालात पर नजर रखे हुए हैं विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो इसका असर तेल बाजार, व्यापार और कूटनीतिक संबंधों पर भी पड़ सकता हैफिलहाल ईरान की सड़कों पर डर और अनिश्चितता का माहौल है आम नागरिकों की आवाज दबती नजर आ रही है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई कर रही हैं ऐसे में विदेशी नागरिकों, खासकर भारतीयों के लिए वहां रहना जोखिम भरा माना जा रहा हैभारत सरकार ने दोहराया है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने पर आगे और कदम उठाए जाएंगे
