गोवा के लोकप्रिय और भीड़भाड़ वाले अर्पोरा क्षेत्र में स्थित मशहूर नाइट क्लब Birch by Romeo Lane में शनिवार देर रात एक अचानक हुए सिलेंडर विस्फोट ने पूरे माहौल को दहशत में बदल दिया , क्लब में पार्टी पूरे जोश में चल रही थी, संगीत बज रहा था, पर्यटक और कर्मचारी सामान्य गतिविधियों में लगे थे, तभी किचन के अंदर रखे गैस सिलेंडर में जोरदार धमाका हुआ धमाका इतना तेज था कि देखते ही देखते आग की लपटें किचन से बाहर निकलकर क्लब के मुख्य हिस्से में फैल गईं चंद मिनटों में धुएं का इतना घना गुबार उठ गया कि अंदर मौजूद लोग सांस नहीं ले पाए, दरवाज़े और रास्ते धुएं से भर गए जिसके वजह से लोग बाहर नहीं निकल सके यह हादसा इतना भीषण था कि कुल 23 लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए है

क्लब का बड़ा हिस्सा आग से खाक और अंदर के सामान जलकर राख हो गयायह पूरी घटना 6 से 7 दिसंबर की रात, यानी शनिवार की देर रात लगभग मध्यरात्रि (midnight) के समय घटित हुई यह वही समय था जब गोवा की नाइटलाइफ़ अपने चरम पर होती है क्लबों, बीच-साइड बार और पार्टी स्थलों पर भारी भीड़ रहती है इस घटना के कुछ मिनटों बाद ही स्थानीय लोगों, कर्मचारियों और कुछ पर्यटकों ने आग की लपटें देखीं, और तुरंत मदद के लिए चिल्लाने की आवाजें सुनाई देने लगीं रात के उस शांत समय में अचानक हुए धमाके और आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी फैला दी फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें रात के उसी समय मौके पर पहुँचीं और सुबह तक बचाव अभियान जारी रहा यह हादसा गोवा के उत्तर-गोवा जिले के अर्पोरा क्षेत्र में स्थित लोकप्रिय नाइट क्लब Birch by Romeo Lane में हुआ, जो अपनी नाइटलाइफ़, पार्टी कल्चर और पर्यटक भीड़ के लिए जाना जाता है अर्पोरा, बागा-कलंगुटे बेल्ट के पास स्थित है,

जहाँ देश-विदेश से आने वाले लोगों की भारी आवाजाही रहती है यह इलाका गोवा के सबसे व्यस्त और मनोरंजन-केंद्रित हिस्सों में गिना जाता है क्लब मुख्य सड़क से लगे क्षेत्र में स्थित है और weekends पर यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं इसी क्षेत्र में क्लबों की कतार लगी रहती है, लेकिन हादसे वाले क्लब में सुरक्षा व्यवस्था में खामी कितनी बड़ी थी, यह घटना सामने आने पर समझ में आया इस हादसे में 23 लोगों में मौत होने में से सबसे अधिक संख्या क्लब के कर्मचारियों की थी, जो रात की ड्यूटी में किचन और फ्लोर दोनों हिस्सों में काम कर रहे थे पुलिस और फायर विभाग ने बताया कि मरने वालों में ज्यादातर वही लोग थे जो विस्फोट के समय किचन या उसके पास मौजूद थे जिसमें से तीन महिलाएँ भी इस आग का शिकार बनीं, और कुछ पर्यटक भी मारे गए, जो पार्टी के लिए क्लब आए थे कई शव इतनी बुरी हालत में मिले कि पहचान करना भी मुश्किल हो गया कई लोगों की मौत आग में सीधे जलने से हुई,

जबकि कई लोग धुएं में फंसकर दम घुटने से मारे गए इस घटना के बारे में परिवारों को सूचना देने और पहचान की प्रक्रिया में प्रशासन को घंटों लग गएघटना की शुरुआती जांच में स्पष्ट रूप से सामने आया कि इस हादसे की मुख्य वजह गैस सिलेंडर का ब्लास्ट था किचन में सिलेंडर लीक था या गलत तरीके से लगाया गया था, यह जांच में पता चल रहा है, लेकिन एक बात साफ है क्लब ने फायर सेफ़्टी नियमों का पालन नहीं किया था क्लब में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण नहीं थे, इमरजेंसी निकास (emergency exits) ठीक से काम नहीं कर रहे थे, और आग लगने की स्थिति में निकासी के लिए जरूरी सुरक्षा इंतज़ाम नदारद थे मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी कहा कि क्लब ने फायर-सेफ्टी नॉर्म्स तोड़ रखे थे और इसी लापरवाही ने इतने बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान किया रात करीब मध्यरात्रि को क्लब के किचन में मौजूद सिलेंडर अचानक फट गया ब्लास्ट की आवाज़ इतनी ज़ोरदार थी कि क्लब के कई हिस्से हिल गए और किचन से आग की लपटें बाहर निकल आईं आग ने पहले किचन को, फिर कुछ ही मिनटों में पूरे क्लब के फर्नीचर, सजावट, साउंड सिस्टम और लकड़ी की संरचनाओं को अपनी चपेट में ले लिया धुआं बहुत तेजी से फैला,

जिससे अंदर मौजूद लोग बेहोश होने लगे जो लोग बाहर की ओर दौड़े, वे भी घने धुएं से आगे नहीं बढ़ पाए वही फायर ब्रिगेड और पुलिस को रात में ही अलर्ट मिला और कई दमकल गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं बचाव कर्मियों ने दरवाज़े तोड़कर और खिड़कियाँ तोड़कर अंदर फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की, लेकिन जब तक आग पर काबू पाया गया, क्लब की पूरी इमारत जल चुकी थी घायलों को अस्पताल भेजा गया और मृतकों को पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया इस घटना के बाद मुख्यमंत्री, मंत्री और स्थानीय अधिकारी तुरंत पहुंचे और जांच शुरू की गई
