गोवा के अरपोरा स्थित बिर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में भीषण आग लगने के बाद फरार हुए क्लब मालिक सौरभ और गौरव लूथरा को भारत लाने की प्रक्रिया तेज हो गई है दोनों भाइयों को थाईलैंड के फुकेट में हिरासत में लेने के बाद उन्हें अब बैंकॉक शिफ्ट किया जा रहा है, जहां भारतीय एजेंसियां औपचारिकताएँ पूरी कर उन्हें दिल्ली लेकर आएंगी यह हादसा 6 दिसंबर की रात हुआ था, जब क्लब में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और जिसमें 25 से जायदा लोगों की मौत हो गई थी जिसके बाद दोनों आरोपी मालिक देश छोड़कर थाईलैंड भाग गए थे पासपोर्ट रद्द होने के कारण वर्तमान में उनके लिए इमरजेंसी ट्रैवल डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है, जिसके बाद उन्हें भारत भेजा जा सकेगा इस बीच जांच में लूथरा ब्रदर्स से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय खुलासा सामने आया है पता चला है

कि दोनों भाई 42 कंपनियों और LLPs के संचालक या निदेशक हैं और हैरानी की बात यह है कि ये सभी कंपनियां दिल्ली के एक ही पते पर रजिस्टर्ड हैं पुलिस और जांच एजेंसियों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में कंपनियों का एक ही पते से संचालित होना गंभीर संदिग्ध गतिविधियों की ओर इशारा करता है शुरुआती स्तर पर इसे शेल कंपनियों का नेटवर्क माना जा रहा है, जिसकी मदद से बड़े पैमाने पर आर्थिक लेन-देन और फंडों की हेराफेरी की आशंका जताई जा रही है जिस पते पर कंपनियां दर्ज हैं, वहां वास्तविक रूप से एक गर्ल्स PG चल रहा है, जिससे इन कंपनियों के संचालन पर और भी सवाल खड़े हो गए हैं जांच एजेंसियां अब न सिर्फ क्लब में लगी आग के कारणों की तहकीकात कर रही हैं, बल्कि लूथरा ब्रदर्स के कारोबारी नेटवर्क, कंपनी स्ट्रक्चर और फंड ट्रांसफर की भी गहन पड़ताल कर रही हैं दूसरी ओर गोवा पुलिस ने क्लबहॉल के निर्माण, लाइसेंस, सुरक्षा इंतजाम और इमरजेंसी व्यवस्था में कई गंभीर खामियां पाई हैं,

जिनकी वजह से आग तेजी से फैली और भारी जनहानि हुई अदालत ने भी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों को किसी तरह की राहत देने से इंकार कर दिया है भारत आने के बाद दोनों भाइयों से क्लब संचालन, दुर्घटना की जिम्मेदारी, फर्जी कंपनियों के नेटवर्क और आर्थिक अनियमितताओं को लेकर लंबी पूछताछ होने की संभावना है गोवा अग्निकांड अब एक साधारण हादसा नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बड़े कारोबारी और वित्तीय जाल के खुलासे में बदलता जा रहा है, जिस पर देशभर की जांच एजेंसियों की नजरें टिकी हुई हैं
