पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की सेहत और सुरक्षा को लेकर उनके परिवार में गहरी चिंता व्याप्त है। जेल में बंद इमरान खान से पिछले कई हफ्तों से न तो परिवार वालों को मिलने दिया जा रहा है और न ही कोई संदेश या फोन कॉल की इजाजत दी गई है।
इमरान के बेटे का भावुक पोस्ट :-

इसी बीच उनके बेटे कासिम खान ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक पोस्ट लिखकर दुनिया का ध्यान खींचा और अपने पिता के “जिंदा होने का सबूत” मांगा।
कासिम खान ने लिखा कि उनके पिता को 9 अगस्त 2023 को गिरफ्तार किया गया था यानी आज ठीक 845 दिन हो चुके हैं। पिछले छह हफ्तों से इमरान खान को रावलपिंडी की अडियाला जेल में एक छोटी सी “डेथ सेल” में पूरी तरह एकांत कारावास (सॉलिटरी कन्फाइनमेंट) में रखा गया है। इस दौरान न तो वकीलों को उनसे मिलने दिया गया, न परिवार के सदस्यों को और न ही पार्टी के किसी नेता को। कासिम के मुताबिक, “हमें नहीं पता कि वो जिंदा भी हैं या नहीं। यह कोई सुरक्षा प्रोटोकॉल नहीं, बल्कि सुनियोजित सजा है।”

परिवार का दावा है कि इमरान खान की दोनों बहनों – अलीमा खान और नोरेन नियाजी – को भी कई बार जेल पहुंचने के बावजूद भाई से मिलने नहीं दिया गया। नोरेन नियाजी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमारे पास कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि मेरे भाई ठीक हैं या नहीं। जेल प्रशासन पूरी तरह खामोश है। हमें डर है कि उनकी सेहत के बारे में सच छिपाया जा रहा है।”
जेल के बाहर पुलिसिया बर्बरता:-

गुरुवार को ही खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर के साथ सोहेल अफरीदी और कुछ अन्य PTI नेता इमरान खान से मुलाकात के लिए अडियाला जेल पहुंचे थे। पहले से तयशुदा मुलाकात होने के बावजूद उन्हें जेल के अंदर जाने नहीं दिया गया। बाहर निकलते वक्त पुलिस ने सोहेल अफरीदी को सड़क पर पटक दिया और लाठियों से पीटा। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं जिसमें पुलिसकर्मी एक निर्वाचित मुख्यमंत्री के सहयोगी को बेरहमी से मारते दिख रहे हैं।
नोरेन नियाजी ने आरोप लगाया कि पुलिस को ऊपर से सख्त हिदायत है कि इमरान खान के परिवार और PTI नेताओं को किसी भी कीमत पर जेल के करीब न आने दिया जाए। उन्होंने कहा, “यह पहली बार है जब पाकिस्तान में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ इतनी बेरहमी से पेश आया जा रहा है। हमें धक्के दिए जा रहे हैं, गालियां दी जा रही हैं, लेकिन कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं।”
भारत में फैली अफवाह ने बढ़ाया डर:-
नोरेन नियाजी ने यह भी खुलासा किया कि कुछ दिन पहले भारत के कुछ न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया पर यह खबर चलाई गई कि इमरान खान को जेल में मार दिया गया है। हालांकि यह खबर फर्जी साबित हुई, लेकिन पाकिस्तान में इमरान खान के परिवार और समर्थकों में दहशत फैल गई। नोरेन ने कहा, “जब दुनिया के दूसरे मुल्क में यह अफवाह चल रही है और हमें अपने भाई-बाप की कोई खबर नहीं मिल रही, तो हमारा डरना लाजमी है।”
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी पर सवाल:-
PTI के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों, ब्रिटेन, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि वे पाकिस्तान सरकार पर दबाव डालें ताकि इमरान खान की सेहत की स्वतंत्र जांच हो सके और उन्हें तुरंत परिवार व वकीलों से मिलने की इजाजत दी जाए। पार्टी का कहना है कि 72 साल के पूर्व प्रधानमंत्री को जानबूझकर मानसिक और शारीरिक यातना दी जा रही है ताकि वे राजनीति से पूरी तरह बाहर हो जाएं।
फिलहाल अडियाला जेल प्रशासन और पंजाब सरकार की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन जिस तरह से परिवार को लगातार दरकिनार किया जा रहा है, उसने पाकिस्तान की मौजूदा राजनीतिक सच्चाई को एक बार फिर दुनिया के सामने ला दिया है।

इमरान खान के समर्थक अब सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं और आने वाले दिनों में बड़े प्रदर्शनों का ऐलान किया गया है। देखना यह है कि क्या सरकार परिवार की चिंताओं को दूर करने के लिए कोई कदम उठाती है या यह तनाव और गहराता चला जाता है।
रिपोर्ट
अंकित शेखावत
