पटना। जन अधिकार पार्टी के प्रमुख और पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पुलिस ने 31 साल पुराने एक मामले में देर रात पटना से गिरफ्तार कर लिया.इस कार्रवाई के दौरान पटना में आधी रात करीब तीन घंटे तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही पप्पू यादव के समर्थकों में आक्रोश फैल गया और मौके पर भारी हंगामा देखने को मिला। समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश करार देते हुए जमकर नारेबाजी कीजानकारी के मुताबिक, पुलिस की टीम देर रात पप्पू यादव के पटना स्थित आवास पर पहुंची। शुरुआत में उन्होंने गिरफ्तारी का विरोध किया और पुलिस से कागजात दिखाने की मांग की इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक भी मौके पर जमा हो गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई करीब तीन घंटे तक चले इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी बहस होती रही। हालात को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया

गयागिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि उनकी जान को खतरा है उन्होंने आशंका जताई कि मेरी हत्या हो सकती है पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई उन्हें डराने और राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि 31 साल पुराने मामले को अचानक उठाकर गिरफ्तारी करना इस बात का संकेत है कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही हैपुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। संबंधित मामला तीन दशक पुराना है, जिसमें कोर्ट से जुड़े निर्देशों के आधार पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने साफ किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। हालांकि पुलिस ने केस से जुड़ी सभी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की हैंपप्पू यादव की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए। कई जगहों पर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया गया समर्थकों का कहना है कि पप्पू यादव लगातार आम लोगों के मुद्दे उठा रहे हैं, जिससे कुछ राजनीतिक ताकतें असहज हैं.इसी कारण पुराने मामलों को आधार बनाकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

समर्थकों ने चेतावनी दी कि अगर उन्हें कुछ हुआ तो इसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगीराजनीतिक गलियारों में भी इस गिरफ्तारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है नेताओं का कहना है कि चुनावी माहौल में इस तरह की गिरफ्तारी लोकतंत्र के लिए ठीक संकेत नहीं है वहीं, सत्तापक्ष की ओर से कहा गया है कि कानून अपना काम कर रहा है और इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिएफिलहाल पप्पू यादव को पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है और उन्हें अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

इस मामले में आगे क्या रुख अपनाया जाएगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सकेकुल मिलाकर, 31 साल पुराने मामले में हुई इस गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। पप्पू यादव के बयान, समर्थकों का गुस्सा और विपक्ष के आरोपों के बीच यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है
