देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रही है लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन, ऑपरेशनल फेलियर और हजारों यात्रियों की दिक्कतों के बीच अब सरकार भी सख्त हो गई है नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने साफ कहा है कि जो कुछ हुआ यह सामान्य फेलियर नहीं है, बल्कि इसमें लापरवाही और जानबूझकर की गई चूक के संकेत दिखाई दे रहे हैं मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अगर जांच में जिम्मेदारी टॉप मैनेजमेंट तक जाती है, तो इंडिगो के CEO की बर्खास्तगी तक की कार्रवाई भी की जा सकती है पिछले कई दिनों से लगातार इंडिगो के संचालन में भारी गड़बड़ी सामने आ रही है कई रूटों पर अचानक फ्लाइट उड़ान से पहले रद्द कर दी गईं, कुछ उड़ानों में स्टाफ की कमी बताई गई और कुछ में टेक्निकल इनपुट का बहाना बनाकर यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही घंटों इंतजार कराया गया ,उड्डयन मंत्रालय का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर एक साथ इतनी गड़बड़ियां किसी सामान्य तकनीकी दिक्कत का परिणाम नहीं लगतीं शुरुआती जांच में यह शक जताया गया है कि इंडिगो के अंदर ही किसी स्तर पर गंभीर ऑपरेशनल लापरवाही या मैनेजमेंट फेलियर हुआ है ,

नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA ने संयुक्त रूप से इस मामले की जांच शुरू कर दी है वही अधिकारियों का कहना है कि इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइन से इस तरह की गड़बड़ी की उम्मीद नहीं थी मंत्रालय का कहना है कि एयरलाइन का दायित्व है कि वह यात्रियों को भरोसेमंद सेवा दे जब हजारों लोग अचानक फंसे पाए गए, टिकट रिफंड के लिए लाइन लगी और ऑपरेशनल टीम का कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला, तब मामले ने गंभीर रूप ले लिया यह ऐसा प्रतीत होता है कि या तो मैनेजमेंट नियंत्रण में नहीं है, या फिर भीतर किसी प्रकार का समन्वय टूट चुका है

यह घटना पिछले 48–72 घंटों में इंडिगो ने कई दर्जन उड़ानें अचानक रद्द कर दीं कुछ फ्लाइट्स रनवे तक पहुंचकर वापस लौटीं यात्रियों ने सोशल मीडिया पर हज़ारों शिकायतें कीं, जिसमें कहा गया कि न तो कंपनी ने पहले जानकारी दी और न ही वैकल्पिक व्यवस्था ऑपरेशन टीम की ओर से यह कहा गया कि स्टाफिंग इश्यू और अनपेक्षित टेक्निकल चेक की वजह से ऐसा हुआ, लेकिन सरकार ने इन स्पष्टीकरणों को संतोषजनक नहीं माना। DGCA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह एक आंतरिक फेलियर का मामला है, जो इतनी आसानी से नहीं हो सकता DGCA अब इंडिगो के पूरे ऑपरेशन, कर्मचारियों की तैनाती, टेक्निकल मेंटेनेंस और फ्लाइट शेड्यूलिंग की जांच करेगा यदि यह पाया गया कि कंपनी ने जानबूझकर उड़ानें रोकीं, यात्रियों को समय पर सूचना नहीं दी, या स्टाफ को गलत तरीके से रोककर रखा गया है तो एयरलाइन पर भारी जुर्माना लग सकता है

साथ ही, CEO समेत टॉप मैनेजमेंट पर सीधे कार्रवाई की सिफारिश भी हो सकती है मंत्रालय ने कहा अगर आरोप साबित होते हैं, तो सिर्फ मुआवज़ा या जुर्माना ही नहीं लगाया जाएगा, बल्कि जिम्मेदार लोगों को पद से हटाना भी होगा जरूरत पड़ी तो CEO को भी बर्खास्त किया जा सकता है इंडिगो जैसे बड़े ब्रांड के लिए ऐसी लापरवाही बिल्कुल स्वीकार्य नहीं हैसबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों को झेलनी पड़ रही है कई लोग हवाईअड्डों पर फंस गए,

कुछ के इंटरनेशनल कनेक्शन छूट गए और कई यात्रियों को होटल व टिकट का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा टिकट रिफंड और री-शेड्यूलिंग का दबाव इतना बढ़ा कि कंपनी के सपोर्ट सिस्टम तक ने जवाब देना बंद कर दिया था एयरलाइन को अब स्थिति सामान्य करने के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे DGCA की रिपोर्ट आने में कुछ दिन लग सकते हैं, पर संकेत साफ हैं कि मामला गंभीर है और परिणाम इंडिगो के लिए भारी हो सकते हैं
