वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल आ गया ह इस कार्रवाई को लेकर दुनियाभर में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं इसी कड़ी में प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय नेता और मानवाधिकार मामलों में मुखर रहने वाले ममदानी ने अमेरिकी कदम पर कड़ा ऐतराज जताया है ममदानी ने इसे खुलकर एक्ट ऑफ वॉर यानी युद्ध जैसा कदम करार दिया और इस मुद्दे पर सीधे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन कर अपनी नाराज़गी जाहिर की ,ममदानी ने कहा कि किसी संप्रभु देश के निर्वाचित राष्ट्रपति को इस तरह बंधक बनाना न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि यह वैश्विक शांति के लिए भी बड़ा खतरा है उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने वेनेजुएला के आंतरिक मामलों में दखल देकर हालात को और विस्फोटक बना दिया है ममदानी के मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई से पूरे लैटिन अमेरिका में अस्थिरता फैल सकती है

ममदानी और ट्रंप के बीच हुई फोन बातचीत काफी तल्ख रही ममदानी ने ट्रंप से साफ शब्दों में कहा कि मादुरो को हिरासत में रखना एकतरफा ताकत का प्रदर्शन है और इसे किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस तरह के कदमों पर रोक नहीं लगी तो इसका असर वैश्विक स्तर पर युद्ध जैसे हालात पैदा कर सकता है अमेरिका को अपनी ताकत का इस्तेमाल लोकतंत्र और शांति के समर्थन में करना चाहिए, न कि सरकारों को गिराने या नेताओं को बंधक बनाने के लिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह इस मामले में चुप न रहे और वेनेजुएला की संप्रभुता की रक्षा के लिए आगे आएइस पूरे घटनाक्रम पर वेनेजुएला के समर्थन में कई देशों और संगठनों ने भी आवाज उठाई है कई नेताओं ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताते हुए अमेरिका से मादुरो की रिहाई की मांग की है वहीं अमेरिका की ओर से यह दलील दी जा रही है कि मादुरो पर गंभीर आरोप हैं और कार्रवाई कानून के दायरे में की गई है

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ममदानी का यह बयान और ट्रंप को किया गया सीधा फोन इस बात का संकेत है कि मामला अब सिर्फ अमेरिका और वेनेजुएला तक सीमित नहीं रहा यह मुद्दा अब वैश्विक कूटनीति और शक्ति संतुलन से जुड़ गया है अगर जल्द ही इस विवाद का शांतिपूर्ण समाधान नहीं निकाला गया तो अंतरराष्ट्रीय तनाव और बढ़ सकता हैफिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका आगे क्या रुख अपनाता है और क्या अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते मादुरो को लेकर कोई नरमी दिखाई जाती है या नहीं वहीं ममदानी जैसे नेताओं की सख्त प्रतिक्रिया ने यह साफ कर दिया है कि इस कार्रवाई को लेकर वैश्विक मंच पर अमेरिका को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ सकता है
