बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने उन्हें लगातार अपमानित किया है उन्होंने नजरअंदाज किया और उनकी संवैधानिक गरिमा को ठेस पहुंचाई राष्ट्रपति ने स्पष्ट कहा कि वे अब इस पद पर नहीं रहना चाहते है क्योंकि मौजूदा हालात में वे खुद को सम्मानित महसूस नहीं कर रहे इस पूरे मामले के केंद्र में दो ही बड़े नाम हैं ,राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन, जिन्होंने यह शिकायत दर्ज कराई, और मोहम्मद यूनुस, जो अंतरिम सरकार के प्रमुख हैं और जिन पर राष्ट्रपति ने बेइज्जती का आरोप लगाया है इसके साथ ही अंतरिम सरकार के वे अधिकारी भी अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं,

जिन्होंने राष्ट्रपति की भूमिका को सीमित किया राष्ट्रपति का यह बड़ा बयान 11–12 दिसंबर 2025 को सामने आया है उन्होंने हाल ही में दिए गए इंटरव्यू में यह बताया कि पिछले सात महीनों से वे लगातार इस तरह की परिस्थितियों का सामना कर रहे थे, यानी यह विवाद महीनों से अंदर ही अंदर बढ़ रहा था यह बयान ढाका से दिया गया, जहाँ राष्ट्रपति ने अपने आधिकारिक आवास से अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को व्हाट्सऐप इंटरव्यू में पूरी स्थिति बताई इसी बातचीत में उन्होंने खुलकर कहा कि वे खुद को अपमानित महसूस करते हैं और इसलिए अब इस पद पर बने रहने की इच्छा समाप्त हो चुकी है कई घटनाओं ने उन्हें यह महसूस करवाया है कि उन्हें जानबूझकर हाशिए पर रखा गया सात महीनों से यूनुस ने उनसे एक भी मुलाकात नहीं की उनके प्रेस विभाग को हटा दिया गया ,विदेशों में स्थित दूतावासों से उनकी आधिकारिक तस्वीरें हटाई गईं, सरकार के किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में उन्हें शामिल नहीं किया गया,

इन सभी कार्रवाइयों को उन्होंने एक संगठित अपमान माना ,देश में पिछले साल राजनीतिक हालात बिगड़ने के बाद संसद भंग हो गई और अंतरिम सरकार बनी राष्ट्रपति बताते हैं कि इंटरिम सरकार के गठन के बाद से धीरे-धीरे उनके अधिकार सीमित होते गए पहले उनसे दूरी बनाई गई, फिर उनके अधिकारों में कटौती हुई और अंत में सरकार की गतिविधियों से उन्हें लगभग पूरी तरह बाहर कर दिया गया यही माहौल उन्हें इस्तीफे की सोच तक ले आया, और वे अब कह रहे हैं कि फरवरी 2026 के चुनाव के बाद इस पद को छोड़ देंगे
