वॉशिंगटन/ओटावा, ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है ट्रम्प ने संकेत दिया है कि यदि किसी देश ने अमेरिका को ग्रीनलैंड पर नियंत्रण हासिल करने से रोकने की कोशिश की, तो उस पर भारी टैरिफ लगाए जाएंगे ट्रम्प के इस बयान को सीधे तौर पर धमकी के रूप में देखा जा रहा है, जिसके बाद कई देशों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैंडोनाल्ड ट्रम्प ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि ग्रीनलैंड रणनीतिक और आर्थिक रूप से अमेरिका के लिए बेहद अहम है उन्होंने दावा किया कि यह क्षेत्र राष्ट्रीय सुरक्षा, खनिज संसाधनों और आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ते प्रभाव के लिहाज से अमेरिका के हित में है ट्रम्प ने साफ शब्दों में कहा कि अगर किसी देश ने अमेरिका की इस योजना में बाधा डाली, तो अमेरिका उनके खिलाफ व्यापारिक कार्रवाई करेगा और टैरिफ लगाएगाट्रम्प के बयान के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है कनाडाई पीएम ने कहा कि ग्रीनलैंड के मुद्दे पर उनका देश किसी भी तरह के दबाव या धमकी के आगे नहीं झुकेग उन्होंने स्पष्ट किया कि कनाडा हर हाल में ग्रीनलैंड और उसके लोगों के साथ खड़ा रहेगा

कनाडा ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों और संप्रभुता का मामला बताया हैग्रीनलैंड डेनमार्क के अधीन एक स्वायत्त क्षेत्र है और पहले भी अमेरिका की ओर से इसे खरीदने या नियंत्रण में लेने की बातें सामने आती रही हैं ट्रम्प के कार्यकाल के दौरान भी ग्रीनलैंड को खरीदने का प्रस्ताव चर्चा में रहा था, जिसे डेनमार्क ने सिरे से खारिज कर दिया था अब एक बार फिर ट्रम्प के बयान से पुराने विवाद को हवा मिल गई है अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि ट्रम्प की यह बयानबाजी केवल कूटनीतिक दबाव बनाने की रणनीति हो सकती है, लेकिन इससे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बीच रिश्तों में तनाव बढ़ना तय है खासतौर पर कनाडा जैसे करीबी साझेदार का खुलकर विरोध में आना इस मुद्दे को और गंभीर बना रहा है.ग्रीनलैंड प्रशासन की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है वहां के स्थानीय नेताओं ने कहा कि ग्रीनलैंड कोई संपत्ति नहीं है जिसे किसी देश द्वारा खरीदा या कब्जे में लिया जा सके उन्होंने दो टूक कहा कि ग्रीनलैंड के भविष्य का फैसला वहां के लोग खुद करेंगे और किसी भी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा

यूरोपीय देशों ने भी इस बयान पर चिंता जताई है कई नेताओं ने ट्रम्प की धमकी को अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के खिलाफ बताया है उनका कहना है कि टैरिफ की धमकी देकर किसी क्षेत्रीय विवाद को सुलझाने की कोशिश वैश्विक स्थिरता के लिए खतरनाक हो सकती हैविशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीनलैंड का मुद्दा आने वाले समय में आर्कटिक राजनीति का बड़ा केंद्र बन सकता है जलवायु परिवर्तन के कारण इस क्षेत्र में नए समुद्री मार्ग और संसाधन सामने आ रहे हैं, जिससे बड़ी शक्तियों की रुचि बढ़ रही है ऐसे में ट्रम्प के बयान को केवल बयानबाजी मानकर नजरअंदाज करना मुश्किल हैकुल मिलाकर, ग्रीनलैंड को लेकर ट्रम्प की धमकी ने एक बार फिर वैश्विक कूटनीति में तनाव पैदा कर दिया है कनाडा का खुला समर्थन और अन्य देशों की चिंताएं यह संकेत दे रही हैं कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय मंच पर और तूल पकड़ सकता है
