अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध का असर अब भारत के आम लोगों की रसोई तक पहुंच गया है। देश के कई हिस्सों में LPG गैस सिलेंडर की किल्लत देखने को मिल रही है। गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं। कई जगहों पर लोग घंटों इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को हो रही है,

जिनकी रसोई गैस पर ही निर्भर है। जब अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ रहा था, तब सरकार ने पहले से तैयारी क्यों नहीं की? क्या आम लोगों की रसोई को सुरक्षित रखने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई? युद्ध भले ही हजारों किलोमीटर दूर हो रहा हो, लेकिन उसकी मार आज आम नागरिक की रसोई पर साफ दिखाई दे रही है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठाती है।
