प्राथमिक स्कूल में सहायक शिक्षक सर्वेश सिंह (उम्र करीब 38 वर्ष) ने रविवार देर रात अपने घर में फांसी का फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। मौके से मिले दो अलग-अलग सुसाइड नोट सीधे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के नाम लिखे गए थे। परिजनों ने इन्हें पुलिस को सौंप दिया है।
SIR और BLO की ड्यूटी ने जिंदगी छीन ली– रोते-बिलखते परिजनों का आरोप:-

मृतक शिक्षक के बड़े भाई ने मीडिया से बातचीत में कहा, हमारा भाई सुसाइड नहीं किया, उसे मार डाला गया है। पिछले कई महीनों से SIR (सर्वे ऑफ इंटीग्रेटेड रजिस्टर) और BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) की ड्यूटी का इतना दबाव था कि वह रात-दिन परेशान रहता था। फोन पर लगातार धमकियाँ, बार-बार बुलावा, घर नहीं आने दिया जाता था। मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था।
परिजनों ने बताया कि सर्वेश ने आखिरी बार शनिवार रात को घर वालों से कहा था, अब और नहीं सहा जाता, बस बहुत हो गया।
पिछले ढाई महीने में छह BLO-शिक्षकों की मौत, तीन ने की आत्महत्या:-

सर्वेश सिंह की मौत के साथ ही उत्तर प्रदेश में SIR शुरू होने के बाद से अब तक छह शिक्षक-कर्मचारियों की जान जा चुकी है। इनमें से:-
– तीन ने फांसी लगाकर या जहर खाकर आत्महत्या की
– दो की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई
– एक शिक्षक की ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई
शिक्षक संगठनों का दावा है कि ये सभी मौतें अत्यधिक कार्यभार, मानसिक तनाव और लगातार धमकियों का नतीजा हैं।
शिक्षक लगातार गुहार लगा रहे, कोई सुनने को तैयार नहीं:-
प्रदेश भर के हजारों शिक्षक पिछले कई हफ्तों से सोशल मीडिया और ज्ञापनों के जरिए चीख-चीख कर बता रहे हैं कि SIR और BLO का काम उनके मूल शिक्षण कार्य को पूरी तरह ठप कर चुका है। स्कूल सुबह से बंद रहते हैं, बच्चे बिना पढ़ाई के लौट जाते हैं, और शिक्षक दिन-रात फील्ड में सर्वे करते फिरते हैं। ऊपर से बीएलओ ड्यूटी में चुनाव से जुड़े दबाव अलग से सिर पर सवार हैं।
शिक्षक संगठनों ने कई बार मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर बेसिक शिक्षा मंत्री तक गुहार लगाई, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। उल्टा जो शिक्षक शिकायत करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की धमकी मिलती है।
सुसाइड नोट में क्या लिखा?:-
हालांकि पुलिस ने सुसाइड नोट की सामग्री को सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन परिजनों का दावा है कि दोनों पत्रों में सर्वेश ने साफ-साफ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पर मानसिक प्रताड़ना और अत्यधिक कार्यभार थोपने का जिम्मेदार ठहराया है।
पुलिस ने शुरू की जांच, शिक्षक संगठन आंदोलन की तैयारी में:-
मुरादाबाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजी जा रही है। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी से भी पूछताछ होगी।
दूसरी ओर प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने तत्काल प्रभाव से शिक्षकों को SIR और BLO की ड्यूटी से मुक्त नहीं किया, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। संगठनों ने 3 दिसंबर को काला दिवस मनाने और पूरे प्रदेश में स्कूल बंद रखने का ऐलान किया है।
एक मासूम-सा शिक्षक आज चला गया।
सवाल सिर्फ सर्वेश सिंह का नहीं, पूरे उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षकों का है –
अगला नंबर किसका?
रिपोर्ट
अंकित शेखावत

लिखने का तरीका बहुत अच्छा हैं