कर्नाटक सरकार के एक हालिया सर्वे में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर जनता का भरोसा सामने आया है सर्वे के मुताबिक राज्य के 83 प्रतिशत लोगों ने EVM पर विश्वास जताया है, जबकि केवल एक छोटा वर्ग ही इसे लेकर संदेह में नजर आया है इस सर्वे के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, खासकर तब जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी समय-समय पर EVM को लेकर सवाल उठाते रहे हैं सर्वे के नतीजों के सार्वजनिक होते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तंज कसा है। BJP नेताओं का कहना है कि जब जनता खुद EVM पर भरोसा जता रही है, तो विपक्ष बार-बार चुनावी प्रक्रिया पर सवाल क्यों उठा रहा है पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव हारने पर EVM को दोष देना कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुकी है BJP नेताओं ने कहा कि EVM भारतीय लोकतंत्र की पारदर्शिता और निष्पक्षता का मजबूत आधार है

चुनाव आयोग बार-बार स्पष्ट कर चुका है कि EVM पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ की गुंजाइश नहीं है कर्नाटक सर्वे को लेकर BJP का कहना है कि यह रिपोर्ट उन सभी आरोपों का जवाब है, जो विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाता रहा हैवहीं कांग्रेस की ओर से इस सर्वे पर सीधी प्रतिक्रिया कम ही देखने को मिली है। हालांकि पार्टी के कुछ नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में सवाल उठाना गलत नहीं है और चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की मांग करना विपक्ष का अधिकार है। कांग्रेस समर्थकों का तर्क है कि पार्टी की चिंता जनता की आवाज और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने को लेकर है यह सर्वे ऐसे समय सामने आया है,

जब देश में चुनावी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है EVM पर भरोसे को लेकर जनता की राय सामने आने से विपक्ष के लिए मुद्दा उठाना और मुश्किल हो सकता है साथ ही, सत्तारूढ़ दल इसे अपने पक्ष में एक मजबूत तर्क के रूप में इस्तेमाल कर सकता है, कर्नाटक सरकार के इस सर्वे ने EVM को लेकर चल रही बहस को एक नया मोड़ दे दिया है 83 प्रतिशत जनता का भरोसा यह संकेत देता है कि आम मतदाता चुनावी व्यवस्था पर विश्वास रखता है, जबकि राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी आगे भी जारी रहने की संभावना है
