अमेरिका में महंगाई आम लोगों की कमर तोड़ती नजर आ रही है खाने-पीने की चीज़ों से लेकर गैस और तेल तक के दाम लगातार ऊंचाई पर बने हुए हैं, जिससे रोजमर्रा की ज़िंदगी महंगी होती जा रही है किराना स्टोर में जरूरी सामान खरीदना मुश्किल हो गया है और गैस-तेल की कीमतों ने आवागमन और घरेलू खर्च दोनों बढ़ा दिए हैं बढ़ती महंगाई का सीधा असर मध्यम और निम्न आय वर्ग पर पड़ रहा है, जहां परिवारों का बजट बिगड़ता जा रहा है

और बचत लगभग खत्म होती दिख रही है इस आर्थिक दबाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक असमंजस की स्थिति में नजर आ रहे हैं एक तरफ वे बढ़ती कीमतों से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर वे खुलकर ट्रंप के खिलाफ भी नहीं बोल पा रहे कई समर्थकों का मानना है कि मौजूदा हालात के लिए केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि वैश्विक हालात, युद्ध और सप्लाई चेन की दिक्कतों का भी असर पड़ा है हालांकि महंगाई की मार झेल रहे लोग यह भी स्वीकार कर रहे हैं कि सरकार से राहत की उम्मीद अभी पूरी नहीं हो सकी है महंगाई अब अमेरिका में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है विपक्ष इसे सरकार की नाकामी बता रहा है,

जबकि ट्रंप समर्थक इसे अस्थायी समस्या बताकर भविष्य में हालात सुधरने की उम्मीद जता रहे हैं आने वाले महीनों में खाने-पीने और ईंधन की कीमतों में राहत नहीं मिली, तो इसका सीधा असर जनमत और चुनावी माहौल पर पड़ सकता है फिलहाल हालात ऐसे हैं कि जनता महंगाई से त्रस्त है और ट्रंप समर्थक भी ना उगलते बन रहे हैं, ना निगलते यानी नाराज़गी और समर्थन के बीच फंसे हुए दिखाई दे रहे हैं
