नई दिल्ली – भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर इतिहास रचा गया है महाराष्ट्र के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने विजय हजारे ट्रॉफी में एक ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने 39 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया, मात्र 36 गेंदों में शतक लगाकर इस टूर्नामेंट के सबसे युवा शतकवीर बनने का गौरव हासिल किया इस प्रदर्शन ने क्रिकेट प्रेमियों के बीच उत्साह और तारीफ की लहर दौड़ा दी है।वैभव सूर्यवंशी, जो महाराष्ट्र क्रिकेट टीम के लिए खेलते हैं जो युवा उम्र में ही अपनी बल्लेबाजी की प्रतिभा से सभी का ध्यान खींचा उनकी तकनीक, शॉट चयन और तेजी ने उन्हें इस रिकॉर्ड को बनाने में मदद की विजय हजारे ट्रॉफी के एक महत्वपूर्ण मैच में सूर्यवंशी ने सिर्फ 36 गेंदों में शतक लगाकर 39 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया इससे पहले यह रिकॉर्ड अमेरिकन बल्लेबाज का था, जिसे लगभग चार दशकों से कोई भी नहीं तोड़ पाया था

उनकी बल्लेबाजी ने न केवल टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया बल्कि भारतीय घरेलू क्रिकेट में भी नया इतिहास रचा यह रिकॉर्ड विजय हजारे ट्रॉफी के एक मैच के दौरान बना, जो मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम में खेला गया इस मैदान में मौजूद दर्शक और क्रिकेट विशेषज्ञ इस प्रदर्शन को देखकर हैरान रह गए वैभव सूर्यवंशी का यह रिकॉर्ड प्रदर्शन 24 दिसंबर 2025 को हुआ इस मैच के दौरान उन्होंने लगातार छह चौके और आठ छक्के लगाकर अपने शतक तक पहुंचने की राह को आसान बनाया इस रिकॉर्ड की खासियत यह है कि विजय हजारे ट्रॉफी एक लिस्ट-ए फॉर्मेट का टूर्नामेंट है, जिसमें बल्लेबाजों को सीमित गेंदों में रन बनाने की चुनौती होती है सूर्यवंशी ने इस चुनौती को पूरी तरह से पार करते हुए यह साबित किया कि भारतीय क्रिकेट में नए युवा खिलाड़ी किसी भी रिकॉर्ड को चुनौती दे सकते हैं उनकी यह सेंचुरी सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि भारतीय घरेलू क्रिकेट के लिए गर्व का विषय है मैच में सूर्यवंशी की बल्लेबाजी बेहद आक्रामक और सटीक रही।

उन्होंने गेंद को सही समय पर सीमा रेखा के पार भेजा और अपनी टीम को उच्च स्कोर तक पहुंचाया उनके शॉट चयन में विविधता थी कभी सीधे गेंद को ऊपर उठाकर छक्का लगाया, तो कभी नीचे खेलकर चौके लगाए इस तेज़ और धारदार बल्लेबाजी ने उन्हें मात्र 36 गेंदों में शतक लगाने का मौका दिया वैभव सूर्यवंशी की यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए प्रेरणादायक है उन्होंने युवा खिलाड़ियों के लिए एक मिसाल पेश की है कि अगर मेहनत और धैर्य दोनों साथ हों तो कोई भी रिकॉर्ड तोड़ा जा सकता है साथ ही, इस प्रदर्शन ने महाराष्ट्र क्रिकेट टीम की जीत की संभावना को भी बढ़ा दियामैच के बाद वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि यह मेरे लिए एक सपना सच होने जैसा है मैं अपने कोच और टीम का शुक्रगुजार हूँ, जिन्होंने मुझे इस मौके के लिए तैयार किया मेरी कोशिश है कि मैं भविष्य में भी ऐसे प्रदर्शन करता रहूं और भारतीय क्रिकेट के लिए योगदान दूं इस प्रदर्शन के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों ने उनकी तुलना महान बल्लेबाजों से करनी शुरू कर दी है

कई लोग मानते हैं कि सूर्यवंशी का यह शतक उन्हें जल्द ही भारतीय टीम में अवसर दिला सकता है इस उपलब्धि के बाद सोशल मीडिया पर भी वैभव सूर्यवंशी की खूब तारीफ हो रही है क्रिकेट प्रेमियों ने उनके लिए विशेष पोस्ट, मैसेज और वीडियो शेयर किए भारतीय क्रिकेट फैंस ने इसे आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के लिए नई उम्मीद माना है इस प्रकार, वैभव सूर्यवंशी ने न केवल व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाया बल्कि भारतीय घरेलू क्रिकेट को नई ऊर्जा और उत्साह भी दिया है यह प्रदर्शन यह संकेत देता है कि भविष्य में भारतीय क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों का दबदबा और बढ़ेगा
