नई दिल्ली, 6 दिसंबर 2025 – कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज दिल्ली में आयोजित नेहरू सेंटर इंडिया के लॉन्च कार्यक्रम में भाजपा और उससे जुड़ी विचारधारा पर विवादित बयान दिया है उन्होंने कहा कि वही सोच, जिसने महात्मा गांधी की हत्या का रास्ता बनाया था, आज भी सक्रिय है इस विचारधारा के अनुयायी महात्मा गांधी के हत्यारों का महिमामंडन करते हैं और स्वतंत्र भारत की संस्थाओं तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं इतिहास को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है और देश के उन नेताओं की विरासत को बदनाम करने की कोशिशें हो रही हैं जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम और लोकतंत्र की नींव रखी, महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू की विचारधारा केवल आदर्श मानने का विषय नहीं है, बल्कि इसे सम्मान देना और आज के समय में लागू करना हर भारतीय की जिम्मेदारी है यह विचारधारा युवाओं में भ्रम पैदा कर रही है और समाज में द्वेष और नफरत फैलाने का काम कर रही है यह बयान 6 दिसंबर 2025 को दिया गया,

जब सोनिया गांधी ने नेहरू सेंटर इंडिया में कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक मंच से अपने विचार साझा किए मीडिया और पार्टी कार्यकर्ता इस दौरान वही मौजूद थे उन्होंने यह संदेश प्रेस और मीडिया के माध्यम से पूरे देश में पहुंचाया यह केवल राजनीतिक आरोप नहीं था, बल्कि समाज और जनता को जागरूक करने और लोकतंत्र की रक्षा की आवश्यकता बताने वाला बयान था यदि इस विचारधारा को छोड़ दिया गया, तो यह लोकतंत्र, संस्थाओं और सामाजिक न्याय के लिए गंभीर खतरा बन सकती है गांधी और नेहरू की विचारधारा का महिमामंडन केवल इतिहास में ही नहीं होना चाहिए, बल्कि वर्तमान और भविष्य में भी यह लोकतंत्र, मानवता और सामाजिक न्याय के लिए मार्गदर्शक बने इस बयान को केवल राजनीतिक आरोप नहीं माना, बल्कि इसे लोकतंत्र और संविधान की सुरक्षा के लिए चेतावनी के रूप में देखा गया

इस बयान के बाद देश भर में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज होने की संभावना है वही विपक्षी दलों ने सोनिया गांधी के आरोपों का समर्थन किया, जबकि भाजपा से जवाब की उम्मीद जताई गई जनता के बीच भी यह बहस बढ़ गई है कि स्वतंत्र भारत के संस्थानों और स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को संरक्षित कैसे किया जाए सोनिया गांधी ने अपने भाषण के अंत में कहा कि महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू की विचारधारा का पालन करना केवल ऐतिहासिक सम्मान का विषय नहीं है, बल्कि यह वर्तमान और भविष्य में भारत के लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और मानवता की रक्षा के लिए भी आवश्यक है

उन्होंने यह सुनिश्चित करने की अपील की कि इतिहास के मूल्य और स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक बनी रहे
