महाराष्ट्र में आज स्थानीय राजनीति की दिशा तय करने वाला दिन है, जहां राज्य की 29 नगर-निगमों में एक साथ मतदान जारी है सबसे ज्यादा निगाहें मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव पर टिकी हैं, क्योंकि यहां करीब 9 साल बाद नगर-निगम के लिए वोटिंग हो रही है सुबह मतदान शुरू होते ही मुंबई, पुणे, नागपुर, ठाणे, नासिक, अमरावती और अन्य बड़े शहरों के मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें देखने को मिलीं लंबे समय बाद चुनाव होने के कारण लोगों में खासा उत्साह नजर आ रहा है और युवा, महिलाएं व बुजुर्ग बड़ी संख्या में वोट डालने पहुंच रहे हैं मुंबई में बीएमसी चुनाव को लेकर माहौल काफी गर्म है स्थानीय मुद्दों जैसे सड़कें, जलभराव, कचरा प्रबंधन, झुग्गी पुनर्विकास, पानी की आपूर्ति और लोकल ट्रांसपोर्ट इस चुनाव में अहम भूमिका निभा रहे हैं वहीं पुणे और नागपुर जैसे शहरों में टैक्स, ट्रैफिक, प्रदूषण और बुनियादी सुविधाएं मतदाताओं के फैसले को प्रभावित कर रही हैं

राजनीतिक दलों के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है और कई जगह निर्दलीय उम्मीदवार भी मुकाबले को रोचक बना रहे हैं मतदान के दौरान कुछ इलाकों से EVM में तकनीकी खराबी की शिकायतें भी सामने आई हैं खासकर मुंबई और पुणे के कुछ मतदान केंद्रों पर मशीनों के ठीक से काम न करने की सूचना मिली, जिससे कुछ समय के लिए वोटिंग प्रभावित हुई हालांकि चुनाव आयोग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खराब EVM को बदलने और मतदान सुचारु रूप से जारी रखने का दावा किया है आयोग का कहना है कि सभी बूथों पर रिजर्व मशीनें और तकनीकी स्टाफ पहले से तैनात हैं, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को समय रहते दूर किया जा सके चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरे महाराष्ट्र में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं संवेदनशील और अति-संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है मुंबई में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं कई जगहों पर सीसीटीवी और ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है,

ताकि किसी तरह की अव्यवस्था या हिंसा की स्थिति पैदा न हो इस बीच RSS प्रमुख मोहन भागवत का NOTA को लेकर दिया गया बयान भी चुनावी माहौल में चर्चा का विषय बन गया है भागवत ने कहा कि NOTA का विकल्प कई बार लोकतंत्र को मजबूत करने के बजाय खराब और कमजोर उम्मीदवारों को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा पहुंचाता है उनके इस बयान पर राजनीतिक दलों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं कुछ नेताओं का कहना है कि NOTA मतदाताओं की नाराजगी का प्रतीक है, जबकि कुछ इसे व्यवस्था में सुधार के लिए जरूरी मानते हैं

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नगर-निगम चुनावों के नतीजे महाराष्ट्र की आगे की राजनीति का संकेत देंगे खासतौर पर मुंबई महानगरपालिका का परिणाम सभी प्रमुख दलों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसका असर भविष्य की राज्य और राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है चुनाव आयोग के अनुसार मतदान शाम तक जारी रहेगा और इसके बाद कुल मतदान प्रतिशत की तस्वीर साफ होगी नतीजे आने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि जनता ने अपने शहरों की सरकार चलाने की जिम्मेदारी किसे सौंपी है
