पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को भले ही एक मामले में अदालत से जमानत मिल गई हो, लेकिन फिलहाल उन्हें जेल से राहत नहीं मिल पाई है जमानत मिलने के तुरंत बाद ही पुलिस ने उन्हें दो नए मामलों में रिमांड पर ले लिया, जिसके चलते वे जेल में ही रहेंगे पप्पू यादव को व्हीलचेयर पर कोर्ट लाया गया, जहां उनकी पेशी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे जानकारी के मुताबिक, पप्पू यादव को जिस मामले में जमानत मिली है, वह पहले से दर्ज एक आपराधिक केस से जुड़ा है। कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उन्हें जमानत देने का आदेश दिया। हालांकि, इससे पहले कि वे जेल से बाहर आ पाते, पुलिस ने दो अन्य मामलों में उनकी गिरफ्तारी दिखाते हुए रिमांड की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लियापुलिस सूत्रों का कहना है कि पप्पू यादव के खिलाफ अलग-अलग थानों में कई मामले दर्ज हैं, जिनमें पूछताछ और जांच अभी पूरी नहीं हुई है।

इन्हीं मामलों को लेकर पुलिस ने रिमांड की मांग की थी। अदालत ने कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस को निर्धारित अवधि के लिए रिमांड पर लेने की अनुमति दे दीकोर्ट में पेशी के दौरान पप्पू यादव की तबीयत भी चर्चा का विषय रही उन्हें व्हीलचेयर पर कोर्ट परिसर में लाया गया बताया जा रहा है कि वे पिछले कुछ दिनों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनके समर्थकों का दावा है कि सांसद की हालत ठीक नहीं है और उन्हें बेहतर इलाज की जरूरत है, जबकि प्रशासन का कहना है कि मेडिकल जांच के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कोर्ट परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पप्पू यादव के समर्थक बड़ी संख्या में कोर्ट के बाहर जमा थे, हालांकि पुलिस ने किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दीपप्पू यादव के वकीलों का कहना है कि जमानत मिलने के बावजूद नए मामलों में रिमांड लेना राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है

उनका आरोप है कि लगातार नए केस जोड़कर सांसद को जेल में ही रखने की कोशिश की जा रही है। वकीलों ने यह भी कहा कि वे जल्द ही इन नए मामलों में भी जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे वहीं, पुलिस और प्रशासन इन आरोपों को खारिज कर रहा है अधिकारियों का कहना है कि सभी कार्रवाई कानून के दायरे में की जा रही है और किसी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं है। पुलिस के अनुसार, जिन मामलों में रिमांड ली गई है, वे गंभीर प्रकृति के हैं और जांच के लिए पूछताछ जरूरी हैराजनीतिक गलियारों में भी इस मामले को लेकर हलचल तेज है। पप्पू यादव के जेल में बने रहने से उनके समर्थकों में नाराजगी है, वहीं विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था का मामला बता रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि नए मामलों में उन्हें कब तक राहत मिलती है और क्या वे जल्द जेल से बाहर आ पाते हैं या नहींफिलहाल, जमानत मिलने के बावजूद पप्पू यादव की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं और कानूनी लड़ाई अभी जारी है
