केंद्रीय वित्तमंत्री ने संसद में बजट भाषण पेश करते हुए साफ किया कि सरकार की प्राथमिकता केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है अपने भाषण में उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नीतियों और योजनाओं का फोकस किसानों, आदिवासियों, महिलाओं और युवाओं को आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने पर रहेगा। वित्तमंत्री ने इसे “समावेशी और संतुलित विकास” की दिशा में निर्णायक कदम बताया।बजट भाषण के दौरान वित्तमंत्री ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती की ओर बढ़ रही है और अब जरूरी है कि इस ग्रोथ का असर ज़मीनी स्तर पर दिखाई दे। उन्होंने माना कि ग्रामीण क्षेत्रों, जनजातीय इलाकों और कमजोर वर्गों तक विकास की रफ्तार अभी और तेज करने की आवश्यकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दे रही हैकिसानों और आदिवासियों पर फोकसवित्तमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सिंचाई, भंडारण और मार्केटिंग से जुड़े ढांचे को बेहतर किया जाएगा। इसके साथ ही आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा ताकि वहां के लोग भी आर्थिक विकास में भागीदार बन सकें महिलाओं और युवाओं के लिए अवसर बजट भाषण में महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण को विकास की कुंजी बताया गया। वित्तमंत्री ने कहा कि महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने, स्वरोजगार को प्रोत्साहन देने और स्किल डेवलपमेंट को मजबूत करने के लिए

सरकार कई नई योजनाओं पर काम कर रही है युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने की दिशा में भी ठोस कदम उठाने का संकेत दिया गया मिडिल क्लास को राहत की उम्मीदबजट भाषण के बाद मिडिल क्लास की नजरें इनकम टैक्स में संभावित राहत पर टिक गई हैं। वित्तमंत्री के संकेतों से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में 13 लाख रुपये तक की सालाना आय को इनकम टैक्स से मुक्त किया जा सकता है अगर ऐसा होता है तो इससे मध्यम वर्ग की जेब पर बोझ कम होगा और खपत बढ़ने से अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगीविकास और सामाजिक न्याय का संतुलनवित्तमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि सरकार विकास और सामाजिक न्याय के बीच संतुलन बनाकर चल रही है।

इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इंडिया और मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को भी मजबूत किया जाएगा उनका कहना था कि जब तक समाज के हर वर्ग को विकास का लाभ नहीं मिलेगा, तब तक आर्थिक प्रगति अधूरी रहेगीकुल मिलाकर वित्तमंत्री का यह बजट भाषण इस बात का संकेत देता है कि सरकार अब केवल आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों पर नहीं, बल्कि आम आदमी की जिंदगी में वास्तविक बदलाव लाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है किसानों, आदिवासियों, महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखकर तैयार की जा रही नीतियाँ आने वाले समय में देश की आर्थिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं
