प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर घुसपैठ और वोट बैंक की राजनीति को लेकर बड़ा हमला बोला है एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि TMC अवैध घुसपैठियों को न सिर्फ संरक्षण दे रही है, बल्कि उन्हें वोटर बनाकर गरीब और वंचित लोगों के हक पर डाका डाल रही है प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ कानून व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़ा गंभीर मुद्दा है पीएम मोदी ने कहा, देश के गरीब, दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोगों को जो अधिकार और सुविधाएं मिलनी चाहिए थीं, वे घुसपैठियों को दे दी गईं TMC सरकार इन्हें बसाकर वोट बैंक मजबूत कर रही है उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति का सीधा नुकसान राज्य के मूल निवासियों को हो रहा है, जिनके रोजगार, राशन और सरकारी योजनाओं पर दबाव बढ़ रहा है भारतीय जनता पार्टी की नीति बिल्कुल स्पष्ट है

भाजपा सरकार घुसपैठ को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी जो लोग अवैध रूप से देश में घुसे हैं, उन्हें कानून के तहत बाहर किया जाएगा उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के संविधान और कानून की रक्षा के लिए जरूरी हैपीएम मोदी ने TMC पर आरोप लगाया कि उसने सीमावर्ती इलाकों में जानबूझकर हालात बिगाड़े हैं उनके मुताबिक सीमा सुरक्षा में सेंध लगाकर घुसपैठ को बढ़ावा दिया गया, ताकि चुनाव में फायदा उठाया जा सके उन्होंने कहा कि यह राजनीति अल्पकालिक लाभ के लिए देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैप्रधानमंत्री ने यह भी दावा किया कि भाजपा जहां-जहां सत्ता में है, वहां पारदर्शी तरीके से नागरिकता, सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया जा रहा है उन्होंने कहा कि असली नागरिकों को उनके हक मिलें, इसके लिए पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया जरूरी है जो भारत का नागरिक है, उसे डरने की जरूरत नहीं है इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है

TMC नेताओं ने पीएम मोदी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि भाजपा डर और विभाजन की राजनीति कर रही है पार्टी का कहना है कि राज्य में सभी समुदायों को समान अधिकार दिए जा रहे हैं और घुसपैठ का मुद्दा केंद्र सरकार की नाकामी को छिपाने का तरीका हैराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले चुनावों को देखते हुए घुसपैठ और नागरिकता का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है भाजपा इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और गरीबों के अधिकारों से जोड़कर पेश कर रही है,

जबकि TMC इसे बंगाल की अस्मिता और सामाजिक सौहार्द से जोड़कर जवाब दे रही हैइस पूरे विवाद का असर सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहने वाला है जमीनी स्तर पर यह मुद्दा रोजगार, संसाधनों और कल्याणकारी योजनाओं के वितरण से जुड़ा है आम लोगों के बीच भी इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि घुसपैठ का असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर किस तरह पड़ रहा है, पीएम मोदी का यह बयान बंगाल की राजनीति में नई सियासी बहस को जन्म देता है आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच टकराव किस दिशा में जाता है और इसका चुनावी नतीजों पर क्या असर पड़ता है
