चंडीगढ़ को लेकर हाल ही में उठी राजनीतिक हलचल के बीच गृह मंत्रालय अमित शाह ने रविवार को एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। मंत्रालय ने साफ कहा है कि केंद्र द्वारा विचाराधीन प्रस्ताव केवल कानून-निर्माण प्रक्रिया को सरल और स्पष्ट बनाने से जुड़ा है। इसका उद्देश्य चंडीगढ़ की मौजूदा प्रशासनिक संरचना में किसी प्रकार का बदलाव करना नहीं है।अमित शाह ने बताया है कि यह प्रस्ताव अभी प्रारंभिक स्तर पर है और सरकार ने इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। मंत्रालय ने इस पर जोर देकर कहा है कि चंडीगढ़ की मौजूदा स्थिति—एक केंद्र शासित प्रदेश के रूप में—जैसी है, वैसी ही रहेगी। साथ ही, पंजाब और हरियाणा के साथ चंडीगढ़ के पारंपरिक प्रशासनिक संबंधों में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।मंत्रालय के मानना है कि केंद्र सरकार तभी आगे बढ़ेगी जब सभी संबंधित पक्षों—विशेषकर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ प्रशासन—से पर्याप्त परामर्श और सहमति बना ली जाएगी। बिना व्यापक चर्चा के सरकार कोई बड़ा कदम उठाने के मूड में नहीं है।हाल में संविधान के 131वें संशोधन के संभावित प्रस्ताव पर राजनीतिक बहस छिड़ी थी, जिसमें चंडीगढ़ को अनुच्छेद 240 के दायरे में लाने की बात कही जा रही थी। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि फिलहाल संसद के सत्र में कोई भी ऐसा बिल लाने का इरादा नहीं है।
