विमेन प्रीमियर लीग (WPL) 2026 का फाइनल मुकाबला रोमांच, रन और रिकॉर्ड्स से भरपूर रहा, जहां रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) ने दिल्ली कैपिटल्स को 6 विकेट से हराकर दूसरी बार WPL ट्रॉफी अपने नाम की। इस जीत के साथ RCB ने खुद को लीग की सबसे सफल टीमों में शामिल कर लिया, जबकि दिल्ली को एक बार फिर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा।फाइनल मुकाबले में RCB ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला किया। दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत शानदार रही। टीम के दोनों ओपनरों ने तेज़ी से रन बटोरते हुए पावरप्ले में ही मज़बूत नींव रख दी।

RCB के गेंदबाज़ शुरुआती ओवरों में दबाव बनाने में नाकाम रहे और दिल्ली ने इसका पूरा फायदा उठाया।ओपनिंग जोड़ी के बाद दिल्ली की कप्तान जेमिमा रोडरिग्स ने पारी को संभालते हुए आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी की। जेमिमा ने 57 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें आकर्षक चौके और दमदार शॉट्स देखने को मिले। उनके साथ मिडिल ऑर्डर की बल्लेबाज़ों ने भी अहम योगदान दिया। नतीजा यह रहा कि दिल्ली कैपिटल्स ने निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 203 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। WPL फाइनल के लिहाज़ से यह एक दबाव भरा लक्ष्य था।

204 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी RCB की शुरुआत हालांकि उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टीम ने अपना पहला विकेट जल्दी गंवा दिया, जिससे दिल्ली की गेंदबाज़ों का हौसला बढ़ा। लेकिन इसके बाद RCB की कप्तान स्मृति मंधाना ने मोर्चा संभाला और एक सच्ची कप्तानी पारी खेली।स्मृति मंधाना ने शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाया और दिल्ली के गेंदबाज़ आक्रमण को दबाव में ला दिया। उन्होंने शानदार टाइमिंग और आत्मविश्वास के साथ शॉट्स लगाए। स्मृति ने 87 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसने मैच का रुख पूरी तरह RCB की ओर मोड़ दिया। उनकी इस पारी में कई चौके और छक्के शामिल रहे, जिसने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।अंतिम ओवरों में मुकाबला रोमांचक हो गया,

लेकिन RCB ने संयम बनाए रखा। आख़िरकार राधा यादव ने लगातार दो चौके लगाकर टीम को जीत दिलाई और RCB को दूसरी बार WPL चैंपियन बना दिया।इस जीत के साथ RCB ने WPL में अपना दूसरा खिताब जीत लिया, जबकि मुंबई इंडियंस भी अब तक दो ट्रॉफी जीत चुकी है। दूसरी ओर, दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही, क्योंकि टीम एक बार फिर फाइनल तक पहुंचने के बावजूद ट्रॉफी जीतने से चूक गई।शानदार कप्तानी पारी और दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए स्मृति मंधाना को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनकी यह पारी लंबे समय तक WPL के यादगार पलों में गिनी जाएगी।
